नमस्ते साथियों, आज के इस आर्टिकल में हम आपको स्मिता पाटिल (Smita Patil) के बारे जानकारी देंगे, स्मिता बॉलीवुड फिल्मों में बिल्कुल आम लड़कियों सी दिखने वाली एक हीरोइन थीं। अक्सर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों के लिए जो परिभाषा गढ़ी जाती है स्मिता पाटिल उससे बिल्कुल अलग थी। साधारण सा चेहरा, रूप भी सांवला, लेकिन जब भी एक्टर्स और एक्टिंग की परिभाषा क्या होती है इसका जिक्र आता है तो मात्र 31 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह देने वाली इस अदाकारा का नाम जरूर आता है।
स्मिता पाटिल कौन थीं? (Smita Patil Kaun thi)
स्मिता पाटिल एक भारतीय फ़िल्म और थिएटर अभिनेत्री थी जिन्होंने मुख्य रूप से हिंदी और मराठी फ़िल्मों में काम किया। भारतीय सिनेमा के इतिहास में उन्हें श्रेष्ठ और महान अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है। पाटिल ने अपने अभिनय करियर में 80 से अधिक फ़िल्मों में अभिनय किया। उन्हें दो राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, कुल तीन फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड (दो फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड्स मराठी के) में मिले। साल 1985 में भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्म श्री अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

Table of Contents
- स्मिता पाटिल कौन थीं? (Smita Patil Kaun thi)
- स्मिता पाटिल का जीवन परिचय? (Smita Patil Bio/Wiki)
- स्मिता पाटिल का परिवार (Smita Patil Family)
- स्मिता पाटिल का पति (Smita Patil Husband)
- स्मिता पाटिल का बेटा (Smita Patil Son)
- स्मिता पाटिल की मृत्यु का कारण (Smita Patil Death Reason)
- स्मिता पाटिल का करियर (Smita Patil Career)
- स्मिता पाटिल की प्रसिद्ध फिल्में (Smita Patil Best Movies)
- क्या स्मिता पाटिल ने FTII से पढ़ाई की थी।
- स्मिता पाटिल के बारे में अनसुनी बातें
स्मिता पाटिल का जीवन परिचय? (Smita Patil Bio/Wiki)
| पूरा नाम | स्मिता पाटिल |
| व्यवसाय | अभिनेत्री |
| जन्मतिथि | 17 अक्टूबर 1955 |
| मृत्यु | 13 दिसंबर 1986 |
| जन्मस्थान | पुणे, महाराष्ट्र |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
| पति का नाम | राज बब्बर |
| शिक्षा (Education) | साहित्य (Literature) |
| स्कूल/कॉलेज | मुंबई विश्वविद्यालय |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू |
स्मिता पाटिल का परिवार (Smita Patil Family)
स्मिता के परिवार में उनके माता-पिता और उनकी दो बहनें हैं। उनके पिता शिवाजी राव पाटिल महाराष्ट्र सरकार में मंत्री थे और उनकी माँ विद्या ताई पाटिल एक सामाजिक कार्यकर्ता थीं। स्मिता ने फिल्म कलाकार राज बब्बर से शादी की थी और उनका एक बेटा भी है जिसका नाम प्रतीक बब्बर है। प्रतीक बॉलीवुड हिन्दी सिनेमा में एक्टर हैं।
स्मिता पाटिल का पति (Smita Patil Husband)
स्मिता पाटिल के पति का नाम राज बब्बर है। जो एक प्रसिद्ध भारतीय फिल्म अभिनेता और राजनीतिज्ञ हैं। स्मिता पाटिल और राज बब्बर की पहली मुलाकात 1982 में फिल्म “भीगी पलकें” के सेट पर हुई थी। आपको बता दें कि उस समय राज बब्बर नादिरा बब्बर के साथ विवाहित थे और उन्होंने 1983 में नादिरा से तलाक लिया था।
राज बब्बर और स्मिता पाटिल की पहली मुलाकात ने उनके जीवन को बदल दिया। राज बब्बर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि स्मिता पाटिल के व्यक्तित्व में गहराई थी और वे बहुत ही दोस्ताना स्वभाव की थीं। स्मिता के साथ बातचीत और सलाह-मशविरा धीरे-धीरे एक गहरे संबंध में बदल गया। बाद में, राज बब्बर और स्मिता पाटिल ने शादी कर ली।

स्मिता पाटिल का बेटा (Smita Patil Son)
स्मिता पाटील के बेटे का नाम प्रतीक बब्बर (Prateik Babbar) है। वो एक भारतीय अभिनेता हैं, जो ज्यादातर हिंदी फिल्मों में दिखाई देते हैं।

स्मिता पाटिल की मृत्यु का कारण (Smita Patil Death Reason)
दुर्भाग्य से स्मिता पाटिल की मृत्यु 31 वर्ष की उम्र में हो गई। वो अपने पहले बेटे प्रतीक बब्बर के जन्म के बाद प्रसव संबंधी गंभीर समस्या से जूझने लगी थी, वो अपने पहले बच्चे के जन्म के केवल 15 दिन बाद ही इस दुनिया को छोड़ कर चली गई।
बाद में राज बब्बर ने टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) से एक इंटरव्यू में कहा, “स्मिता मुझे हमेशा के लिए छोड़कर चली गई। मैं उसकी मौत से सदमे में था। लेकिन मैं नहीं चाहता था कि मेरी समस्याएं उन लोगों के जीवन को प्रभावित करें जो मुझ पर निर्भर थे। मैंने अपने काम में शरण ली, लेकिन घाव भरने में समय लगा।”
स्मिता पाटिल का करियर (Smita Patil Career)
स्मिता पाटिल ने 1970 में अपने करियर की शुरुआत मुंबई में दूरदर्शन टेलीविजन पर न्यूज़रीडर के रूप में किया था। उनकी पहली फिल्म FTII (भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान) के छात्र रहे अरुण खोपकर की स्टूडेंट फिल्म ‘Teevra Madhyam’ से हुई थी।
इसके बाद श्याम बेनेगल ने उन्हें खोजा और साल 1974 में फिल्म ‘चरणदास चोर’ के लिए कास्ट किया। पाटिल की पहली मुख्य भूमिका (Lead Role) वाली फिल्म ‘मंथन’ में थी जिसमें उन्होंने एक हरिजन महिला की किरदार निभाई थी। इससे पहले उन्होंने फिल्म निशांत में किरदार निभाया था पर वो बहुत छोटा रोल था।
स्मिता पाटिल की प्रसिद्ध फिल्में (Smita Patil Best Movies)
स्मिता पाटिल ने भारतीय सिनेमा के लगभग 80 फिल्मों में काम किया था इनमें से 10 फिल्में तो उनकी मौत के बाद रिलीज हुई थी।
- भूमिका (1977) – इस फिल्म में उनकी अदाकारी देखने लायक है।
- मंथन (1976) – यह फिल्म एक गांव की डेयरी की कहानी पर है जिसमें उन्होंने हरिजन महिला का किरदार निभाया है।
- आक्रोश (1980) – ये फिल्म न्याय और अन्याय की कहानी है, इसमें स्मिता पाटिल का अहम रोल है।
- चक्र (1981) – इसमें उन्होंने एक गरीब महिला का किरदार निभाया, जिसे बहुत सराहा गया।
- नमक हलाल (1982) – इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया था।
- अर्थ (1982) – इसमें उन्होंने एक महिला के संघर्ष की कहानी दिखाई गई है।
- मिर्च मसाला (1987) – इस फिल्म में एक साहसी महिला की कहानी दिखाई गई है।
- अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है (1980) – इसमें उन्होंने एक संवेदनशील रोल निभाया है।
- सुबह (1982) – ये फिल्म एक समाज सुधारक की कहानी पर है।
- शक्ति (1982) – इसमें उन्होंने दिलीप कुमार और अमिताभ बच्चन के साथ काम किया।

स्मिता पाटिल को करियर की शुरुआत के केवल तीन साल बाद फिल्म भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। स्मिता पाटील के सभी फिल्मों की लिस्ट
क्या स्मिता पाटिल ने FTII से पढ़ाई की थी।
नहीं, बिल्कुल नहीं। स्मिता पाटील पुणे में रहती थीं और पुणे के FTII (भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान) कॉलेज में उनका आना-जाना लगा रहता था। उनके कई दोस्त वहाँ थे। इसके कारण उनका ज्यादातर समय वहीं बीतता था। इसी वजह से लोग समझने लगे थे कि उन्होंने FTII से पढ़ाई की है।
स्मिता पाटिल के बारे में अनसुनी बातें
- स्मिता मुस्कुराती हुई पैदा हुई तो इसलिए उसकी मां ने उनका नाम स्मिता रखा था।
- स्मिता ने बहुत कम उम्र में ड्राइविंग सीख ली थी 15 साल की उम्र में वो कार चलाने लगी थी, उन्हें स्कूटर चलना बहुत पसंद था। पुणे की सड़कों पर स्कूटर चलाया करती थी। उस जमाने में पुणे में स्कूटर लेकर निकलना बड़ी बात हुआ करती थी।
- स्मिता बचपन से ही पढ़ने की बहुत शौकिंग थी, मराठी नॉवल मृत्युंजय उनकी फेवरेट नॉवल हुआ करती थी। जब भी शूटिंग के बाद समय मिलता तो हमेशा वो कोई न कोई किताब के साथ दिखाई पड़ती थी।
- स्मिता को गिफ्ट देने का भी शौक था और वो गिफ्ट से हमेशा कोई न कोई नोट लिखकर दिया करती थी, ताकि वो यादगार रहे।
- स्मिता को जल्दी गुस्सा आ जाता था लेकिन उतनी ही जल्दी शांत भी हो जाती थी।
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