अक्षरा गुप्ता (Akshara Gupta) बिहार के रक्सौल से एक युवा महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने 17 June 2026 को BCA महिला अंडर-19 वन-डे ट्रॉफी में मात्र 126 गेंदों पर 306 रन नाबाद बनाकर पूरे देश को चौंका दिया। घर के आँगन में बनी कच्ची पिच पर 5 घंटे रोज़ अभ्यास करने वाली इस 15 वर्षीया खिलाड़ी की कहानी बिहार के छोटे शहरों से निकलने वाले क्रिकेट प्रतिभाओं की एक और मिसाल है।
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अक्षरा गुप्ता के बारे में संक्षिप्त जानकारी
| विवरण | जानकारी |
| पूरा नाम | अक्षरा गुप्ता |
| अनुमानित जन्म वर्ष | 2010-2011 (जन्म तिथि सार्वजनिक नहीं) |
| उम्र | 15 वर्ष (जून 2026) |
| पेशा | क्रिकेटर (महिला बल्लेबाज़) |
| जन्म स्थान | रक्सौल, पूर्वी चंपारण, बिहार, भारत |
| गृहनगर | रक्सौल, पूर्वी चंपारण, बिहार |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिंदू |
परिवार
| सदस्य | विवरण |
| पिता | राजकिशोर गुप्ता (राज किशोर शाह) — रक्सौल में मुर्गी व्यवसाय चलाते हैं |
| माता | रीना देवी (रीना गुप्ता) |
| भाई | रिशी गुप्ता — अभ्यास साथी और प्रारंभिक प्रेरणा |
| बहनें | दो बड़ी बहनें |
| चाचा | रामकृपा गुप्ता — पहले कोच और तकनीकी मार्गदर्शक |
| चचेरे भाई | ऋषभ — बिहार राज्य क्रिकेटर; आदर्श खिलाड़ी |
शिक्षा
| स्तर | संस्थान |
| माध्यमिक शिक्षा | डंकन एकेडमी (Duncan Academy), रक्सौल |
अक्षरा गुप्ता की पृष्ठभूमि
प्रारंभिक जीवन
अक्षरा गुप्ता का जन्म और बचपन बिहार-नेपाल सीमा पर स्थित छोटे से शहर रक्सौल में बीता। यहाँ न कोई क्रिकेट अकादमी थी, न लड़कियों की कोई टीम, और न ही कोई पेशेवर कोच। 8 साल की उम्र में भाई रिशी और चचेरे भाई ऋषभ को खेलते देखकर उनके मन में क्रिकेट के प्रति जिज्ञासा जागी।
सुविधाओं की कमी को परिवार ने अपने जज़्बे से पूरा किया। घर के आँगन में कंक्रीट की पिच बनाई और नेट लगाया — यही उनका पहला और एकमात्र प्रशिक्षण मैदान बना। यहाँ अक्षरा रोज़ 5 घंटे, पड़ोस के लड़कों के साथ मिलकर, हार्ड बॉल क्रिकेट का अभ्यास करती थीं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
अक्षरा के पिता राजकिशोर गुप्ता रक्सौल में मुर्गी-मांस का छोटा व्यवसाय चलाते हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार में पली-बढ़ी अक्षरा को उनके माता-पिता ने कभी लैंगिक भेदभाव नहीं किया। पिता ने घर में प्रैक्टिस नेट बनवाया और माँ रीना देवी ने रोज़ सुबह 5 बजे बेटी को जगाकर दूध पिलाया और मैदान भेजा।
चाचा रामकृपा गुप्ता ने 2020 से अनौपचारिक कोचिंग देनी शुरू की और उनकी बल्लेबाज़ी की नींव रखी। रक्सौल के पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने भी कभी किसी लड़की को लड़कों के साथ खेलते देखकर हतोत्साहित नहीं किया — यह अपने आप में एक असाधारण बात थी।

करियर
अक्षरा गुप्ता ने बिहार क्रिकेट संघ (BCA) के खुले चयन परीक्षण में भाग लिया और अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। 2024–25 सत्र में मात्र 14 वर्ष की आयु में उन्होंने BCCI के सभी 4 आयु वर्ग प्रारूपों — अंडर-15 वन-डे (उप-कप्तान), अंडर-19 T20, अंडर-19 वन-डे और अंडर-23 वन-डे — में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। ऐसा करने वाली वो बिहार की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। उसी सत्र में बिहार जोनल टीम को चैंपियनशिप दिलाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका रही और उन्हें दो बार मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
17 June 2026 को भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड ग्राउंड में BCA महिला अंडर-19 वन-डे ट्रॉफी में टीम ‘A’ की कप्तानी करते हुए अक्षरा ने टीम ‘C’ के खिलाफ 126 गेंदों पर 306 रन नाबाद बनाए। 242.86 के स्ट्राइक रेट (Strike Rate) के साथ खेली इस पारी में 55 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उन्होंने महज 16 गेंदों में अर्धशतक और 34 गेंदों में शतक पूरा किया। भारतीय महिला घरेलू क्रिकेट में यह दूसरा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।

अक्षरा गुप्ता के बारे में कुछ और जानकारियां
- रक्सौल में न कोई क्रिकेट अकादमी थी, न लड़कियों की टीम — इसलिए घर के आँगन में कंक्रीट की पिच बनाकर पड़ोस के लड़कों के साथ प्रतिदिन 5 घंटे अभ्यास किया।
- हर सुबह माँ उन्हें 5 बजे उठाती हैं, एक गिलास दूध पिलाती हैं और कंडीशनिंग दौड़ के लिए भेजती हैं — यह दिनचर्या 8 साल की उम्र से जारी है।
- अपनी प्रेरणा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) और विराट कोहली (Virat Kohli) का नाम लिया। वो WPL की कट्टर प्रशंसक हैं और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की समर्थक हैं।
- 306* की पारी में उन्होंने 87.58% रन अकेले चौकों और छक्कों से बनाए — यानी 268 रन सिर्फ बाउंड्री से।
- 2024–25 में BCCI टॉप 100 परफॉर्मर (BCCI Top 100 Performer) की सूची में शामिल हुईं — यह मान्यता उनके घरेलू प्रदर्शन की ताकत का प्रमाण है।
- वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की तरह रक्सौल से ही आई हैं — मीडिया ने उन्हें “बिहार की महिला सूर्यवंशी” का उपनाम दिया है।
- फरवरी 2026 में महज 14 साल की उम्र में बिहार सीनियर महिला क्रिकेट टीम में चुनी गईं और ओडिशा के द्विपक्षीय दौरे पर गईं — बिहार की इतिहास की सबसे युवा वरिष्ठ महिला खिलाड़ी बनीं।
- BCA अध्यक्ष हर्षवर्धन और सचिव ज़ियाउल अर्फिन ने 306* की पारी के बाद सार्वजनिक रूप से उन्हें सम्मानित किया।
- 14 साल की उम्र में बिहार अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी गई — शुरुआत में खुद को इस जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं मानती थीं, लेकिन दबाव में यही जिम्मेदारी उनके मानसिक विकास का सबसे बड़ा कारण बनी।
- इंस्टाग्राम (Instagram) पर @the_akshara_gupta हैंडल पर लिखती हैं — “Hard Work Beats…” — यह उनके जीवन का मंत्र भी है।
रेफरेंस लिंक
- https://sports.ndtv.com/cricket/306-in-126-balls-after-vaibhav-sooryavanshi-another-bihar-youngster-akshara-gupta-grabs-limelight-11655544
- https://www.indiatv.in/sports/cricket/after-vaibhav-sooryavanshi-15-year-old-girl-akshara-gupta-from-bihar-has-now-dazzled-on-the-field-smashing-306-runs-off-126-balls-2026-06-18-1226007
- https://www.mid-day.com/amp/sports/cricket/article/after-sooryavanshi-akshara-rises-from-bihar-with-306-23636000
- https://newsable.asianetnews.com/sports/cricket-who-is-akshara-gupta15-year-old-bihar-cricketer-smashes-unbeaten-triple-century-in-u-19-tournament-articleshow-upicax8
- https://www.indiatoday.in/sports/cricket/story/akshara-gupta-vaibhav-sooryavanshi-bihar-womens-cricket-triple-century-2930013-2026-06-19
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